ऐसा तो नहीं है

ऐसा तो नहीं है के मुझे बुरा नहीं लगता,
बस मैं तेरे प्यार में मुंह खुला नहीं रखता|

अपना सर झुका देता हूँ उसकी गलतियों पर,
मैं देर तलक अपनों को खफ़ा नहीं रखता|

मंदिर-मसजिद जाने का मेरा अपना सलीका है,
दिल में खुदा रखता हूँ, होटों पर दुआ नहीं रखता|

मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी यही है ‘वीर’,
मैं दिल और जुबां को जुदा नहीं रखता|

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  • sangeetaswarup

    मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी यही है ‘वीर’,मैं दिल और जुबां को जुदा नहीं रखता|
     
    वाह …बहुत खूब 

  • Deevasg

    Bahut badhiya sahab!

  • Deevasg

    मंदिर-मसजिद जाने का मेरा अपना सलीका है,
    दिल में खुदा रखता हूँ, होटों पर दुआ नहीं रखता|

    kya baat hai!!

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