अपने मुकद्दर का खुदा हूँ मैं

एक बार फिर टूट के जुड़ा हूँ मैं,
अपने मुकद्दर का खुदा हूँ मैं|

हर बार सँभलने की मेरी आदत है,
मुश्किलों से कब झुका हूँ मैं|
अपने मुकद्दर का खुदा हूँ मैं…

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