चेहरे चेहरे

कितने रंग हैं चेहरे चेहरे|
हर चेहरे पर पहरे पहरे|

कोई ताज़ा ज़ख्म है मिला,
अश्क अब तलक हैं ठहरे ठहरे|

बहुत सहा है उसने ‘वीर’,
देख निशां हैं गहरे गहरे|

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  • Bahut khub

  • SANJAY BHASKAR

    बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

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