दिल को रोज़ नयी हसरतें होती हैं

काश की कहाँ हदें होती हैं,
दिल को रोज़ नयी हसरतें होती हैं|

कितना ही करीब हो हमनफस ‘वीर’,
कुर्बत की और गुंजाइशें होती हैं|
दिल को रोज़ नयी हसरतें होती हैं…

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