दिल से दिल की बात नहीं होती

सब आसपास हैं तो फिर मुलाक़ात क्यों नहीं होती?
अरसा गुज़र जाता है, दिल से दिल की बात नहीं होती|

ये दुनिया भी अजीब शय है दोस्तों,
साथ रहती है मगर साथ नहीं होती|
दिल से दिल की बात नहीं होती…

दिन मान भी जाता है लकीरों के लिखे को,
तुम्हारे बिन मगर गुज़र ये रात नहीं होती|
दिल से दिल की बात नहीं होती…

इश्क में खुदको हार जाना फक्र की बात है,
ये वो बाज़ी है जिस में कोई मात नहीं होती|
दिल से दिल की बात नहीं होती…

आदमी की बस्ती का ये रिवाज पुराना है ‘वीर’,
इसका भरोसा नहीं, इसकी कोई जात नहीं होती|
दिल से दिल की बात नहीं होती…

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  • sangeetaswarup

    bahut khoobsurat 

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