कहानी ना ढूंढ

हर शय में कोई निशानी ना ढूंढ,
हर इत्तफाक में कोई कहानी ना ढूंढ|

दिल की बात कहने आई थी सबा,
अब इसमें सुबह सुहानी ना ढूंढ|
हर इत्तफाक में कोई कहानी ना ढूंढ…

0.00 avg. rating (0% score) - 0 votes
%d bloggers like this: