ख्वाब तुम्हारा तोड़ दूं

लाओ मैं ही ख्वाब तुम्हारा तोड़ दूं,
बेवफा होकर दिल तुम्हारा तोड़ दूं|

अपने ही तो जलाते हैं जिस्म चिता में,
मैं ख्याल बनकर ज़हन तुम्हारा छोड़ दूं|

फिर तुम्हे मिले ना मिले कोई रहनुमा,
आज मैं ही रास्ता तुम्हारा मोड़ दूं|

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