मैं तुझसे बेवफा ही रहा

बहुत मनाया मगर समंदर खफा ही रहा,
जिंदगी तेरा मुजरिम हूँ, मैं तुझसे बेवफा ही रहा|

मुझे हासिल हुए कई मकाम रास्तों में,
मगर हर रास्ता-रास्ता मुझसे जुदा ही रहा|
जिंदगी तेरा मुजरिम हूँ, मैं तुझसे बेवफा ही रहा…

.

2.00 avg. rating (60% score) - 1 vote
%d bloggers like this: