मेरे नाम का अश्क

दबी हुई मुस्कुराहट से उसने छुपाया तो था,
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था|

वो बिखरता चला गया हर लम्हा-लम्हा,
हमने उसे गले ज़रूर लगाया तो था|
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था…

शायद वीराना सा हो जाए ये वक्त के साथ,
हमने आरजू का एक घर बनाया तो था|
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था…

अगले मौसम फिर ना खिले दर्द का फूल,
तेरे साथ गुज़ारे पल में ये मुरझाया तो था|
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था…

ये नज़ारे रहेंगे गवाह सदियों,
हमने इन वादियों में कुछ सजाया तो था|
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था…

मिला थोड़ी देर से मगर मिला तो ‘वीर’,
वो शख्स जिसे तुमने बरसों बुलाया तो था|
मेरे नाम का अश्क आँखों तक आया तो था…

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  • Anamika

    bahut acchhi rachna…dil ko chhu gayi. badhayi.

  • bahut acchhi rachna…

    bahut khub

  • बहुत बेहतरीन!!

  • raghulaughter

    मिला थोड़ी देर से मगर मिला तो ‘वीर’, वो शख्स जिसे तुमने बरसों बुलाया तो था|

    बहुत खूब कहा है वीर जी आपने …

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