ना मौका दिया सफाई का

कुछ यूँ हुआ किस्सा मेरी सुनवाई का,
ना जवाब ही माँगा, ना मौका दिया सफाई का|

कुछ नए अंदाज़ से मिल मुझसे हाकिम मेरे,
मैं देख लूँ तुझमें, कोई रंग मसीहाई का|
ना मौका दिया सफाई का…

क्या कुछ नहीं है मुझमें गर तू गौर करे,
तुमने सिर्फ हिसाब रखा मेरी बुराई का|
ना मौका दिया सफाई का…

कभी दूर जा इन साहिलों से तू ‘वीर’,
तड़प जाए समंदर भी, किसी सौदाई सा|
ना मौका दिया सफाई का…

तेरी मोहब्बत का इतना तो ख्याल किया ‘वीर’,
लगा ना पाया तुझ पर इल्जाम, वो बेवफाई का|
ना मौका दिया सफाई का…

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