फीका खून है झूठी रवायतें

हर तजुरबे से चीखती शिकायतें,
फीका खून है, झूठी रवायतें|

देगा और क्या चारागर हमें,
थोडा दिलासा, थोड़ी हिदायतें|
फीका खून है, झूठी रवायतें…

भीख अपनों से मांगता है ‘वीर’,
कभी प्यार की, कभी इनायतें|
फीका खून है, झूठी रवायतें…

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