समंदर की हिदायतें

मैं समंदर की हिदायतें सुन रहा था,
वो एक ख्वाब हसीन रेत पर बुन रहा था|

वो गुलों से सजा रहा था अपनी हसरतें,
मैं कांटें हकीकत के उनसे चुन रहा था|

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