समझाया न करो

किसी को कुछ समझाया न करो,
लोगों को ठोकर से बचाया न करो |

वो अपनी गलती के मालिक हैं,
बेवजह अपना खून जलाया न करो |
किसी को कुछ समझाया न करो…

तजुर्बे का निचोड़ अपनी हलक में रखो,
अपना फ़साना जुबां तक लाया न करो |
किसी को कुछ समझाया न करो…

खाई में गिरें या फिर गिरें कुँएं में ‘वीर’,
गिरने को अमादा हैं तो बीच में आया न करो |

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  • yashodadigvijay4

    आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 03/04/2013  को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों  को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

  • AnamikaGhatak

    bahut hi badhiya

    • AnamikaGhatak shukriya

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