सर झुका है

दाग-दाग है दिल दर्द की निशानियों से,
सर झुका है मेरा यार की नादानियों से|

तुम ना पुछा करो मेरे दर्द का सबब,
तेरा दिल उलझ जायेगा मेरी परेशानियों से|
सर झुका है मेरा यार की नादानियों से..

कुछ अरसे में ये मौसम बीत जायेगा ‘वीर’,
लगने लगेंगे ये मसले किस्से कहानियों से|
सर झुका है मेरा यार की नादानियों से..

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