तेरे काजल सा

दर दर फिरा आवारा बदल सा,
मिला ना कोई रंग तेरे काजल सा|

तेरी सादगी के सजदे करता रहा,
लेता रहा तेरा नाम किसी पागल सा|
मिला न कोई रंग तेरे काजल सा..

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