तुम्हारी कशमकश ने मुझे

तुम्हारी कशमकश ने मुझे हैरत में डाला है,
क्यों आईना साफ़ करते हो, जब अक्स ही काला है|
हर तस्वीर के दो चेहरे होना लाज़मी है,
एक जिसमें तारिकी है, एक जिसमें उजाला है|
तुम्हारी कशमकश ने मुझे हैरत में डाला है…
दरिया-ए-मोहब्बत में डूब जाना मुश्किल नहीं,
तारीफ तो उसकी है जिसने, डूबे को निकाला है|
तुम्हारी कशमकश ने मुझे हैरत में डाला है…
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  • Deevasg

    Interesting!! 🙂

  • sangeetaswarup

    बहुत खूब

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