उखड जाता है

अब इस साज़ में आवाज़ ना कोई बाकी है,
हर आहट से दिल अपना उखड जाता है|

इतनी बार तोडा गया दिल अपना ‘वीर’,
ज़ख्म एक सी लूँ तो दूसरा उधड जाता है|
हर आहट से दिल अपना उखड जाता है…

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