उसे फिर ज़िंदा मत कर

मुझसे मेरी मर्ज़ी पूछ कर, मुझे शरमिंदा मत कर,
मेरा ‘मैं’ मर चूका है, उसे फिर जिंदा मत कर|

तेरी ख्वाइशों पर जलना, मेरी मोहब्बत की इन्तहा है,
मुझे परवाना रहने दे, आज़ाद परिंदा मत कर|
मेरा ‘मैं’ मर चूका है, उसे फिर जिंदा मत कर…

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