जिंदिगी से रूठ कर

जिंदगी से रूठ कर जाएंगे कहाँ,
भूलना तो चाहेंगे मगर भूल पाएंगे कहाँ|

बदलना चाहेंगे बहुत कुछ मगर,
अपने सिवा किसी को बदल पाएंगे कहाँ?
जिंदगी से रूठ कर जाएंगे कहाँ…

0.00 avg. rating (0% score) - 0 votes
%d bloggers like this: