बादल

कहने को चाँद से कब मिला है बादल,
देखो तो चाँद से कब जुदा है बादल|

जूनून ए इश्क की इन्तहा है बादल,
दिल ए आशिक की दुआ है बादल|

काली रात में चांदनी का टीका है बादल,
अपने चाँद के बगैर कितना फीका है बादल|

चाँद के आँचल में लिपटकर रोया है बादल,
इतनी मुद्दत का जागा, आज सोया है बादल|

कहीं भी ले जाए हवा मगर खामोश है बादल,
यूँ अपने चाँद की चांदनी में मदहोश है बादल|

 

 

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