कुछ मेरी सुन

खामोश रहकर यूँ दिल ना जला,
कुछ मेरी सुन कुछ अपनी सुना|

क्या हुआ? क्या कहा किसने?
लगता है तू खुद से जुदा|
खामोश रहकर यूँ दिल ना जला…

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