मैं इनका खुदा हूँ

ये सब जो भागता है नज़रों में..
ये चेहरे जो बार बार देखते हैं मेरी तरफ..
ये रिश्ते जो अक्सर बांधते हैं मुझे अपने दामन से..
ये ख्याल जो मुझे अक्सर मायूस करते हैं…
ये लफ्ज़ जो भटकते है अनाथ बच्चों से..
ये इश्क जो मुझे दीवाना बनाता है..
ये बंदगी जो मुझे खोकला करती है..
ये रूह जो मुझे प्यासा रखती है..

सब फ़ना है मेरी खुदी से!
अब इनके सजदों का मैं खुदा हूँ!

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