नसीब ना हुआ

उन ग़ज़लों को स्याही का कफ़न नसीब ना हुआ,
उन नज्मों को आवाज़ का मज़ार नसीब ना हुआ..

उन रिश्तों को नाम का लिबास,
उन अश्कों को दामन-ए-यार..
नसीब ना हुआ..

उन कहानियों को याद का सहारा..
उन लम्हों को ज़ुल्फ़-ए-यार..
नसीब ना हुआ..

उन सावलों को जवाब,
उन जवाबों को इंतज़ार…
नसीब ना हुआ..

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  • sanja bhaskar

    वाह बहुत ख़ूबसूरत!

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