तुम आज की बात करो

तुम आज की बात करो|
आज जो जुदा है कल से|
आज जो पहले कभी नहीं आया है|
आज जो फिर कभी नहीं आएगा|
यूँ न जीस्त बरबाद करो!
तुम आज की बात करो|

आज रात ने नया आफताब बनाया है|
आज दिन ये नया महताब बनाएगा|
तुम भी कुछ नया, कुछ मुख्तलिफ करो|
यूँ न जीस्त बरबाद करो!
तुम आज की बात करो|

आज अपनी सलाखों को तोड़ दो|
आज अपनी हिम्मत की बात सुनो|
आज ही सब कुछ का हासिल है,
आज से आँखें चार करो|
यूँ न जीस्त बरबाद करो!
तुम आज की बात करो|

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